एफ ए क्यू

कच्चा तेल

प्रश्‍न 1 : देश में स्‍वदेशी कच्‍चे तेल का कितना उत्‍पादन किया जाता है ?

उत्‍तर : वर्ष 2017-18 के दौरान देश में घनत्व सहित कच्चे तेल का उत्पादन 35.7 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) है।

प्रश्‍न 2: भारत के लिए कितने दिनों के लिए कच्‍च्‍े तेल के भंडार की योजना बनाई गई है ?

उत्‍तर : एकीकृत ऊर्जा नीति (2006) ने सिफारिश की है कि 90 दिन के तेल के आयात के बराबर का भंडार सामरिक-सह-बफर स्‍टॉक प्रयोजनों के लिए बनाए रखा जाना चाहिए और / या पड़ोसी देशों में उपलब्ध बड़े भंडारों से आपात आपूर्ति के विकल्प खरीदना चाहिए। इंडियन स्‍ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्वस लिमिटेड (आईएसपीआरएल) के माध्यम से सरकार ने विशाखापत्तनम, मैंगलोर और पादुर में चरण-I में 5.33 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) की संयुक्त क्षमता के साथ तीन भंडार का निर्माण किया है। जबकि विशाखापट्टनम और मैंगलोर स्थित गुफाएं काम कर रही हैं,  पादुर अभी तक कमीशन किया जाना है।

रिफाइनरी और निफाइनिंग

प्रश्‍न 1 : देश में तेल रिफाइनरियों की संख्‍या कितनी है और कुल रिफाइनिंग क्षमता कितनी है ?

उत्‍तर : देश में कुल 23 रिफाइनरियां है जिसमें से सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयूज) 18, संयुक्‍त उद्यम (जेवीज) 2 और निजी क्षेत्र 3 है । दिनांक 01.07.2018 को देश में रिफाइनिंग क्षमता 247.6 मिलिन मिट्रिक टन प्रति वर्ष (एमएमटीपीए) है।

 
तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी)

प्रश्‍न 1: विभिन्‍न रंगों के सिलेंडरों में एलपीजी क्‍यों बेची जाती है?

उत्‍तर : एलपीजी घरेलु व्‍यवसायिक प्रयोजनों दोनों के लिए बेची जाती है । घरेलु प्रयोजन के लिए एलपीजी सरकार द्वारा रियायती दरों पर बेची जाती है जबकि व्‍यवसायिक प्रयोजन के लिए बाजार निर्धारित मूल्‍य पर बेची जाती है । व्‍यवसायिक प्रयोजन के लिए रियायती घरेलु एलपीजी का दुरुपयोग रोकने के लिए, दो प्रकार के सिलेंडरों को अलग-अलग रंगा जाता है । आसानी से पता लगाने के लिए, घरेलु प्रयोग में इस्‍तेमाल होने वाले सिलेंडरों को अकेले लाल रंग से रंगा जाता है और व्‍यवसायिक प्रयोग में इस्‍तेमाल होने वाले सिलेंडरों को ऑक्‍सफोर्ड नीले रंग से रंगा जाता है ।

प्रश्‍न 2: क्‍या एक परिवार में एक से अधिक कनेक्‍शन हो सकते हैं?

उत्‍तर: जी नहीं । अनिवार्य वस्‍तु अधिनियम, 1955 के अधीन जारी तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति और वितरण का विनियमन) आदेश, 2000, के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र की किसी भी तेल विपणन कंपनी/कंपनियों द्वारा जारी, एक परिवार में एक से अधिक एलपीजी कनेक्‍शन नहीं हो सकते । जानकारी के लिए, एलपीजी नियंत्रण आदेश, 2000 का संदर्भ लें ।

प्रश्‍न 3: एलपीजी कनेक्‍शन प्राप्‍त करने के प्रयोजन के लिए परिवार से क्‍या अभिप्राय है?

उत्‍तर: सार्वजनिक क्षेत्र की एक तेल विपणन कंपनी से एक एलपीजी कनेक्‍शन प्राप्‍त करने के प्रयोजन के लिए तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति और वितरण का विनियमन) आदेश, 2000 में “परिवार” को निम्‍न प्रकार परिभाषित किया गया है: “परिवार” का तात्‍पर्य एक परिवार जिसमें पति, पत्‍नी, अविवाहित संतान और आश्रित माता-पिता एक रसोई वाली एक आवासीय ईकाई में एक साथ रहते हैं । तरलीकृत पेट्रोलियम गैस कनेक्‍शन सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अधीन एक सरकारी तेल कंपनी द्वारा परिवार के किसी भी एक वयस्‍क सदस्‍य के नाम में जारी किया जाएगा ।

प्रश्‍न 4: क्‍या एक ही समय में उसी परिवार में एलपीजी और पाइप्‍ड प्राकृतिक गैस (पीएनजी) दोनों कनेक्‍शन प्राप्‍त करना संभव है?

उत्‍तर: जी नहीं । किसी भी गैस विपणन कंपनी से (सार्वजनिक अथवा निजी) पीएनजी कनेक्‍शन प्राप्‍त करने के बाद एक ग्राहक या तो अपना एलपीजी कनेक्‍शन त्‍याग देगा अथवा संबंधित तेल कंपनी के पास उसकी सुरक्षित निगरानी में उसे सौंप देगा । तेल कंपनियों द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार, सुरक्षित निगरानी में रखे एक एलपीजी कनेक्‍शन को भविष्‍य में पुन:सक्रिय कराया जा सकता है । घरेलु इस्‍तेमाल के लिए पीएनजी और एलपीजी का प्रयोग तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति और वितरण का विनियमन) आदेश, 2000 के प्रावधानों द्वारा नियंत्रित किया गया है ।

प्रश्‍न 5: ऑटो एलपीजी क्‍या है और घरेलु प्रयोजन के लिए प्रयुक्‍त एलपीजी से अलग कैसे है?

उत्‍तर: मोटर गाडि़यों में प्रयोग में लाई जाने वाली एलपीजी ऑटो एलपीजी कहलाती है और इसका उपयोग तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (मोटर गाडि़यों में उपयोग के विनियमन) आदेश, 2001 के प्रावधानों से नियंत्रित होता है। ऑटो एलपीजी की विशिष्टा  घरेलु और वाणिज्यक प्रयोजनों के लिए प्रयोग की जाने वाली एलपीजी से अलग है । ऑटो एलपीजी का भारतीय मानक विनिर्देश आईएस 14861 है जबकि अन्‍य प्रयोजनों के लिए प्रयुक्‍त एलपीजी के लिए आईएस 4576 है ।

मोटर स्प्रिट (एमएस) – पेट्रोल

प्रश्‍न 1: मोटर स्प्रिट (एमएस) क्‍या है?

उत्‍तर: मोटर स्पिरिट का तात्‍पर्य सी 4-सी 12 (कच्चे खनिज तेल को छोड़कर) की श्रेणी में किसी भी हाइड्रोकार्बन ऑयल का कच्चे तेल के आंशिक आसवन द्वारा मुख्‍यत: प्राप्त होता है जो भारतीय मानक विनिर्देश (बीआईएस) संख्‍या आईएस-2796 की आवश्यकताओं को पूरा करता है और स्पार्क इग्निशन इंजनों में ईंधन के रूप में उपयोग के लिए उपयुक्त है ।  यह मूलतः 30- 210 डिग्री सेल्सियस के उबलते बिंदु रेंज के साथ और 15 डिग्री सेल्सियस पर 720-775 किलोग्राम / एम 3 की घनत्व सीमा पर एक लाइट डिस्टिलेट है । हालांकि अधिक विवरण के लिए, कृपया बीआईएस विनिर्देश का संदर्भ लें ।

प्रश्‍न 2: बाजार में कितने प्रकार के पेट्रोल और डीज़ल उपलब्‍ध हैं ?

उत्‍तर: एमएस 93/95, भारत स्टेज (बीएस) IV,  ब्रांडेड पेट्रोल (योजकों सहित) आदि के रूप में पेट्रोल के लिए विभिन्न पारिभाषिक शब्‍दों का इस्तेमाल किया जाता है । पेट्रोल के साथ । इसी प्रकार लाइट डीजल ऑयल (एलडीओ), बीएस IV, बायो डीजल, ब्रांडेड डीजल (योजकों सहित) आदि के रुप में उपयोग / उत्पाद के आधार पर विभिन्न प्रकार के डीजल का नाम दिया जा सकता है । 

प्रश्‍न 3: इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल क्‍या है ?

उत्‍तर: वर्ष 2006 में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को 1 नवंबर, 2006 से 5% बायो इथनॉल मिश्रित पेट्रोल को पूरे देश में, उत्तर पूर्वी एस्टेट, जम्मू और कश्मीर, अंडमान निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप को छोड़कर, बीआईएस विनिर्देश के अनुसार बेचने को कहा था । वर्तमान में यह कार्यक्रम 21 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में पेट्रोल में 10% इथेनॉल मिश्रण की प्राप्ति हेतु तत्काल लक्ष्य के साथ किया जा रहा है । इस मिश्रित पेट्रोल को इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कहा जाता है ।  

हाई स्‍पीड डीज़ल (एचएसडी) – डीज़ल

प्रश्‍न 1: हाई स्‍पीड डीज़ल क्‍या है ?

उत्‍तर: हाई स्पीड डीजल का अर्थ सी 13-17 (खनिज कोला तेल और तारपीन विकल्प को छोड़कर) की सीमा में किसी भी हाइड्रोकार्बन तेल कच्चा तेल के आसवन और क्रैक द्वारा मुख्‍यत: प्राप्‍त होता है जो भारतीय मानक विनिर्देश संख्या IS-1460 की आवश्यकताओं को पूरा करता है और संपीड़न इग्निशन इंजनों में ईंधन के रूप में उपयोग के लिए उपयुक्त है । यह मुख्य रूप से 160-400 डिग्री डिग्री सेल्सियस के उबलते बिंदु रेंज के साथ और 15 डिग्री सेल्सियस पर 820-845 किलोग्राम / एम 3 की घनत्व सीमा पर एक मध्य आसवन है । हालांकि अधिक विवरण के लिए, कृपया बीआईएस विनिर्देश का संदर्भ लें । 

प्रश्‍न 2: पेट्रोल और एचएसडी के बीएस III एवं बीएस IV प्रकारों के बीच मुख्‍य भिन्‍नता क्‍या है ?

उत्‍तर: ईंधन के इन ग्रेडों में मुख्य अंतर कुल सल्फर उपस्थिति और सुगंधित सामग्री की मात्रा के संदर्भ में है । पेट्रोल हेतु, बीएस III के लिए अधिकतम स्वीकार्य सल्फर मात्रा और सुगंधित सामग्री (% मात्रा) को क्रमशः 150 (मिलीग्राम / किग्रा) (पीपीएम) और 42% पर रखा जाता है जबकि बीएस IV के लिए क्रमशः 50 एमजी / किग्रा (पीपीएम) और 35% पर रखा जाता है ।  एचएसडी में, बीएस III प्रकारों में अधिकतम स्वीकार्य सल्फर की मात्रा 350 मिलीग्राम / किग्रा (पीपीएम) और बीएस IV के लिए 50 मिलीग्राम / किग्रा (पीपीएम) पर बनाए रखा है ।

प्रश्‍न 3: बायो डीज़ल और बायो डीज़ल पॉलिसी क्‍या है ?

उत्‍तर: बायो-डीजल एक फैटी एसिड होता है जिसमें पेट्रोलियम डीजल ईंधन के समान गुण होते हैं, जो हाई स्पीड डीजल (एचएसडी) का विकल्प हो सकता है । पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बायो-डीजल के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए अक्टूबर 2005 में एक बायो-डीजल पॉलिसी की घोषणा की । इस इस पॉलिसी के अधीन, 01.01.2006 से, तेल विपणन कंपनियों को हाई स्‍पीड डीजल के साथ बीआईएस के अनुसार ईंधन की गुणवत्ता की पूर्ति के लिए 5% बायो-डीजल (बी 100) को मिलाने की अनुमति दी गई । बायो-ईंधन पर दोबारा ध्यान केंद्रित करने के साथ, सरकार ने 16.01.2015 को सभी उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा अधिकृत के रूप में बायोडीजल के विनिर्माताओं / आपूर्तिकर्ताओं / तेल विपणन कंपनियों के उनके अधिकृत डीलरों और संयुक्त उद्यमों (जेवी) द्वारा प्रत्यक्ष बिक्री की अनुमति दी। 10 अगस्त, 2015 को, सरकार ने निजी निर्माताओं द्वारा बायो-डीजल (बी 100) की बिक्री थोक उपभोक्ताओं के लिए करने की अनुमति दी । इसके अलावा, जनता द्वारा बायो-डीजल मिश्रित डीजल की खुदरा बिक्री की अनुमति दी गई । 

अन्‍य पेट्रोलियम उत्‍पाद

प्रश्‍न 1: क्‍या आप फर्नेस ऑयल / एलएसएचएस और एलडीओ की उपयोगिता और क्षेत्र विशेष उपयोग के प्रकार पर विस्‍तार से बता सकते हैं ?

उत्‍तर: फर्नेस ऑयल (एफओ) / एलएसएचएस और एलडीओ का प्रमुख उपयोग बिजली, उर्वरक, पेट्रोकेमिकल्स और इस्पात क्षेत्रों में ईंधन के रूप में है। कुछ उर्वरक संयंत्रों में फीड स्टॉक के रूप में एफओ का भी उपभोग होता है । सीमेंट, पेपर, फार्मास्यूटिकल्स, सिंथेटिक फाइबर आदि के निर्माण में लगे अन्य उद्योग भी ईंधन के रूप में एफ ओ / एलएसएचएस का उपभोग करते हैं । एलडीओ (लाइट डीजल ऑयल) का मुख्य रूप से उद्योग, परिवहन और बिजली क्षेत्र में नियुक्त न्‍यून आरपीएम इंजन के लिए उपयोग किया जाता है । 

सब्सिडी

प्रश्‍न 1 : पीडीएस केरोसिन और घरेलू एलपीजी की सब्सिडी दर कैसे निर्धारित की जाती है ।

उत्‍तर: पीडीएस केरोसिन और घरेलू एलपीजी की सब्सिडी की पूर्ति पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के बजटीय अनुदान से की जाती है ।

प्रश्‍न 2: क्‍या पीडीएस केरोसिन और घरेलू एलपीजी की योजनाओं के अधीन भारत में सभी बॉटलिंग प्‍लांट और डिपों के लिए सब्सिडी की एकल दर है ?

उत्‍तर: पीडीएस केरोसिन और घरेलू एलपीजी की योजनाओं के अधीन प्रत्‍येक बॉटलिंग प्‍लांट और डिपों के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा अलग-अलग सब्सिडी की दरें अनुमोदित की गई हैं ।

प्रश्‍न 3: पीडीएस केरोसिन और घरेलू एलपीजी के लिए  सब्सिडी दरें कैसे निर्धारित की जाती हैं?

उत्‍तर: 01.04.2002 को प्रति बिक्री यूनिट सब्सिडी की राशि प्रति बिक्री यूनिट की लागत मूल्‍य और निर्गम मूल्‍य के बीच के अंतर की राशि थी और पीडीएस केरोसीन हेतु एक्‍स-डिपो एवं घरेलु एलपीजी हेतु एक्‍स-बॉटलिंग संयंत्र पर गणना की गई थी । यह निर्णय लिया गया था कि 01.04.2002 से प्रभावी किसी भी डिपो/बॉटलिंग संयंत्र के लिए प्रति बिक्री यूनिट सब्सिडी स्थिर होगी और वित्‍तीय वर्ष 2002-03 के लिए अपरिवर्तित रहेगी । 2003-04 के लिए इस योजना के अधीन स्‍वीकार्य सब्सिडी 2002-03 के दौरान अनुमत दर के 2/3 स्‍तर पर थी और 2004-05, 2005-6 और 2006-07 के लिए स्‍वीकार्य सब्सिडी 2002-03 हेतु सब्सिडी की दरों के एक तिहाई (1/3) स्‍तर पर है।

प्रश्‍न 4 : भाड़ा सब्सिडी योजना के अंतर्गत कौन से दूर दराज के क्षेत्र हैं ।

उत्‍तर: भाड़ा सब्सिडी योजना के अंतर्गत निम्‍नलिखित दूर दराज के क्षेत्र आते हैं ।

  • 1 उन जिलों को छोडकर जिसमें डिगबोई, गुवाहाटी, बोइंगांव और नुमालीगढ़ रिफाइनरी स्थित है, सिक्किम सहित उत्‍तर पूर्वी राज्‍य
  • 2 जम्‍मू और कश्‍मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्‍तरांचल (हरिद्वार एवं उधमसिंह नगर जिलों के सिवाय) जिलों को छोड़कर जम्‍मू और कश्‍मीर राज्‍य ।
  • 3 अंडमान और निकोबार द्वीप समूह : और
  • 4 लक्षद्वीप समूह

प्रश्‍न 5 : कौन सी तेल कंपनियां पीडीएस केरोसीन और घरेलु एलपीजी सब्सिडी योजना और फ्रेट सब्सिडी योजना में भाग लेने के लिए अनुमत हैं ।

उत्‍तर: वर्तमान में आईओसी, एचपीसी एवं बीपीसी उपर्युक्‍त योजनाओं में भाग ले सकती हैं ।

प्रश्‍न 6 : पीडीएस केरोसीन और घरेलु एलपीजी पर अनुमत सब्सिडी दर क्‍या है ।

उत्‍तर: पीडीएस केरोसीन और घरेलु एलपीजी पर अनुमत औसतन सब्सिडी दर नीचे दी गई है:

पीडीएस केरोसीन और रसोई गैस के लिये सब्सिडी की औसत दर
वर्ष पीडीएस एसकेओ (रुपये/लीटर) घरेलु एलपीजी (रुपये/सिलेंडर)
2002-03 2.45 67.75
2003-04 1.65 45.18
2004-05 के बाद 0.82 22.58
कीमत निर्धारण

प्रश्‍न 1: आयात समता मूल्‍य क्‍या है ?

उत्‍तर: आयात समता मूल्‍य (आईपीपी) वह मूल्‍य है जो भिन्‍न-भिन्‍न भारतीय बंदरगाहों पर उत्‍पाद के वास्‍तविक आयात की स्थिति में आयातकों को भुगतान करना होता है । इसमें एफओबी मूल्‍य, समुद्री भाड़ा, बीमा, सीमा शुल्‍क, बंदरगाह देय आदि शामिल हैं ।

प्रश्‍न 2: निर्यात समता मूल्‍य से क्‍या अभिप्राय है ?

उत्‍तर: निर्यात समता मूल्‍य वह मूल्‍य है जिसे तेल कंपनियां पेट्रोलियम उत्‍पादों के निर्यात पर प्राप्‍त करती हैं । इसमें एफओबी मूल्‍य और परिष्‍कृत उत्‍पादों के निर्यात के अनुसार कच्‍चे तेल के शुल्‍क मुक्‍त आयात के लिए अग्रिम लाइसेंस लाभ शामिल हैं ।

प्रश्‍न 3: व्‍यापार समता मूल्‍य को कैसे परिभाषित किया जा सकता है ?

उत्‍तर: टीपीपी, क्रमश: 80 और 20 के वजन के साथ आईपीपी और ईपीपी का भारित औसत मूल्‍य है ।

प्रश्‍न 4: रिफाइनरी गेट मूल्‍य / रिफाइनरी ट्रांसफर मूल्‍य (आरजीपी/आरटीपी) क्‍या दर्शाता है?

उत्‍तर: यह वह मूल्‍य है जो रिफाइनरी गेट पर परिष्‍कृत पेट्रोलियम उत्‍पादों की खरीद हेतु घरेलु रिफाइनरियों को तेल विपणन कंपनियों द्वारा भुगतान किया जाता है ।

प्रश्‍न 5: मुख्‍य पेट्रोलियम उत्‍पादों अर्थात पेट्रोल, डीज़ल, पीडीएस केरोसीन और घरेलु एलपीजी की कीमतें कैसे तय की जाती हैं ?

उत्‍तर: तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) रिफाइनरियों से पेट्रोल और डीज़ल की खरीद के लिए व्‍यापार समता मूल्‍य (टीपीपी) पर आधारित रिफाइनरी गेट मूल्‍य (आरजीपी) और पीडीएस केरोसीन और घरेलु एलपीजी की खरीद के लिए आयात समता मूल्‍य (आईपीपी) का भुगतान करती हैं । आईपीपी/टीपीपी, अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में प्रचलित मूल्‍यों के आधार पर निर्धारित की जाती हैं । ग्राहकों के लिए संवेदनशील पेट्रोलियम उत्‍पादों के खुदरा बिक्री मूल्‍य (आरएसपी) निम्‍नलिखित तथ्‍यों को ध्‍यान में रखते हुए परिकलित किए जाते हैं:

  • रिफाइनरी को भुगतान किया गया मूल्‍य
  • बाजार तक अंतर्देशीय माल ढुलाई
  • विपणन लागत और मुनाफा
  • डीलरों का कमीशन
  • उत्‍पाद शुल्‍क
  • वैट और स्‍थानीय कर
 सामान्‍य उर्जा एवं ईंधन

 

प्रश्‍न 1 पीपीएसी डेटा बेस के रूप में पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री और खपत के बीच क्या अंतर है

उत्तर: पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री में उपभोक्ताओं को आमतौर पर पेट्रोल पंपों के रुप में स्‍थापित खुदरा दुकानों के माध्यम से अथवा थोक आपूर्तिकर्ताओं के माध्यम से तेल कंपनियों द्वारा की गई बिक्री शामिल है । खपत में तेल कंपनियों द्वारा बेचे गए पेट्रोलियम उत्पादों की मात्रा एवं निजी पार्टियों द्वारा प्रत्यक्ष आयातों के माध्यम से खपत शामिल है । 

 

प्रश्‍न  2 पेट्रोलियम उत्पादों के लिए परिवहन का सबसे किफायती मुख्‍य विधि क्या है?

उत्तर: देश भर में पीओएल उत्पादों की मुख्‍य चार परिवहन विधियां अर्थात पाइपलाइनों,  रेल,  तटीय और सड़क हैं । आम तौर पर पाइप लाइन से पेट्रोलियम पदार्थ भेजना परिवहन का सबसे सस्ता साधन है ।

 

प्रश्‍न  3 जीवाश्म ईंधन क्या है?

उत्तर: जीवाश्म ईंधन, गर्मी या शक्ति के स्रोत के रूप में जला दिए गए भूवैज्ञानिक अतीत में बायोमास से निर्मित प्राकृतिक संसाधनों से लिए गए हाइड्रोकार्बन पदार्थ हैं । गर्मी, दहन प्रक्रिया से प्राप्‍त होती है जिसमें ईंधन पदार्थ में कार्बन और हाइड्रोजन ऑक्सीजन के साथ मिले होते हैं ।  

प्रश्‍न  4 उद्योग में मुख्य रूप से प्रयुक्त होने वाले विभिन्न ईंधन कौन से हैं?

उत्तर: उद्योग ईंधन में प्राकृतिक गैस, नाफ्था, फर्नेस तेल, लो सल्फर हेवी स्टॉक (एलएसएचएस) और पेट्रोलियम कोक शामिल हैं ।